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मित्र मंडली

इस पोस्ट में मेरे ब्लॉग के फॉलोवर/अनुसरणकर्ता के हिंदी पोस्ट के लिंक के साथ उस पोस्ट के प्रति मेरी भावाभिव्यक्ति सलंग्न रहती है। पोस्ट का चयन साप्ताहिक आधार पर होता है।

मित्र-मंडली प्रकाशन का उद्देश्य मेरे मित्रों की रचना को ज्यादा से ज्यादा पाठकों  तक पहुँचाना है। 

आप सभी पाठकगण से निवेदन है कि दिए गए लिंक के पोस्ट को पढ़ कर टिपण्णी के माध्यम से अपने विचार जरूर लिखें। यकीं करें ! आपके द्वारा दिया गया विचार लेखकों के लिए अनमोल होगा।  

प्रार्थी 

राकेश कुमार श्रीवास्तव "राही"
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पुराने मित्र मंडली अंक 1 से  39 देखने के लिए क्लिक करें। 

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मित्र मंडली -43     

आज तो पौ बारह हो गया, इस सप्ताह के बारह रचनाकार 

नग़मों का आना जाना है !

मीना शर्मा जी 

ज़िंदगी के गीत खुल के गाइए ...

दिगम्बर नसवा  जी 

अब नहीं लौटेगा आहत मन..



उपासना स्याग जी  

रूबरू

पुरषोत्तम कुमार सिन्हा जी 


"मां मैं तेरा बछड़ा हूँ"

राधा तिवारी  जी  

अष्टावक्र गीता - भाव पद्यानुवाद (पेंतालीसवीं कड़ी)

कैलाश शर्मा जी 

आरक्षण और बेरोजगारी.........

सुधा देवरानी जी  

"आज की ज्वलंत समस्या पर लिखी एक सुन्दर भावपूर्ण कविता। "

हर लम्हां गुजरता है

लोकेश नशीने जी 

जीवन की विडम्बनाएँ

अनन्या

विश्व मोहन जी

कविताएँ रची जाती..... 

श्वेता सिन्हा जी 

समाई हुई हैं इसी जिन्दगी में


आशा है कि मेरा प्रयास आपको अच्छा लगेगा ।  आपका सुझाव अपेक्षित है। अगला अंक 20-11-2017  को प्रकाशित होगा। धन्यवाद ! अंत में ....

मेरी दो प्रस्तुति  : 

1. फोटोग्राफी : पक्षी 34 (Photography : Bird 34 )








2. फोटोग्राफी : पक्षी 35 (Photography : Bird 35 )





मित्र मंडली -42     

इस सप्ताह के एक पर एक, ग्यारह रचनाकार 

पुनः और पुनः ....



माँ अब समझी हूँ प्यार तुम्हारा-------- कविता ---------


रेणु  बाला जी  

"धन्य है माँ जो सभी तकलीफों के संताप को अपने संतान को देख कर ही भूल जाती है। सुन्दर भावनाओं का उद्दगार करती कविता। 


अंधेरा काटकर सूरज दिखाती कविता 



कविता  रावत जी 

शरद का स्वागत

श्वेता सिन्हा जी 

आदमी खोदता है आदमी में एक आदमी बोने के लिये एक आदमी

सुशील कुमार जोशी  जी 

गुज़रे थे मेरे दिन भी कुछ माँ की इबादत में ...

दिगम्बर नसवा  जी 

दीवाली बाज़ार

अमित अग्रवाल  जी


दर्द का तूफ़ान लेकर, धीमे धीमे दौड़िये 

सतीश सक्सेना जी

''सती की तरह''

ध्रुव सिंह जी

हार-जीत

पुरषोत्तम कुमार सिन्हा जी 


100 के आगे 100 के पीछे

रवींद्र सिंह यादव जी 

आशा है कि मेरा प्रयास आपको अच्छा लगेगा ।  आपका सुझाव अपेक्षित है। अगला अंक 13-11-2017  को प्रकाशित होगा। धन्यवाद ! अंत में ....

मेरी दो प्रस्तुति  : 

1.  

फोटोग्राफी : पक्षी 32 (Photography : Bird 32 )






2. 

फोटोग्राफी : पक्षी 33 (Photography : Bird 33 )




मित्र मंडली -41     

इस सप्ताह के सात महिला रचनाकार 

आज से प्रारम्भ विश्व प्रसिद्ध छठ पूजा

कल सपने में ------------- नवगीत ---


रेणु  बाला जी  

"जीवन में एक ऐसा पड़ाव आता है जब दो युगल प्रेमी के बीच आत्मिक प्रेम उत्पन्न हो जाता है कोई शिकवा शिकायत नहीं रहती केवल प्यार ही प्यार होता है और जीवन के उसी पल को बहुत ही रूमानी अंदाज में प्रस्तुत है यह सुन्दर कविता है । 



उपासना स्याग जी  

"कस्तूरी मृग सी स्त्री सुवासित करती है जहाँ वह रहती है और आनंदित होते रहते हैं केवल पुरुष स्त्री की सानिध्य पाकर, परन्तु स्त्री ताउम्र तलाशती रहती है अपनी वजूद उन्मुक्त जीवन जीने के लिए। सुन्दर प्रस्तुति । " 

“मानवता और मजहब”


रिंकी राउत  जी 


आशा है कि मेरा प्रयास आपको अच्छा लगेगा ।  आपका सुझाव अपेक्षित है। अगला अंक 06-11-2017  को प्रकाशित होगा। धन्यवाद ! अंत में ....

मेरी दो प्रस्तुति  : 

1.  फोटोग्राफी : पक्षी 30 (Photography : Bird 30 )



2. फोटोग्राफी : पक्षी 31 (Photography : Bird 31 )







मित्र मंडली -40     

इस सप्ताह के सात रचनाकार 

धन तेरस

रवींद्र सिंह यादव जी 


खामोशियाँ गुल खिलाती हैं !

मीना शर्मा जी 

"खामोशियाँ  अक्सर गुल खिलाती , कभी गम के कभी, कोमल एहसासों के तो कभी बेबसी के। बहुत ही सुन्दर रचना। " 

"शहीदों को नमन करती सुन्दर हाइकु। सुन्दर प्रस्तुति। "

आशा है कि मेरा प्रयास आपको अच्छा लगेगा ।  आपका सुझाव अपेक्षित है। अगला अंक 30-10-2017  को प्रकाशित होगा। धन्यवाद ! अंत में ....

मेरी दो प्रस्तुति  : 

1.  भारतीय संविधान में मौलिक कर्तव्य एवं अधिकार को जाने  


2. 

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