मेम्बर बने :-

मित्र मंडली

इस पोस्ट में मेरे ब्लॉग के फॉलोवर/अनुसरणकर्ता के हिंदी पोस्ट के लिंक के साथ उस पोस्ट के प्रति मेरी भावाभिव्यक्ति सलंग्न रहती है। पोस्ट का चयन साप्ताहिक आधार पर होता है।


मित्र-मंडली प्रकाशन का उद्देश्य मेरे मित्रों की रचना को ज्यादा से ज्यादा पाठकों  तक पहुँचाना है। 

आप सभी पाठकगण से निवेदन है कि दिए गए लिंक के पोस्ट को पढ़ कर टिपण्णी के माध्यम से अपने विचार जरूर लिखें। यकीं करें ! आपके द्वारा दिया गया विचार लेखकों के लिए अनमोल होगा।  

प्रार्थी 

राकेश कुमार श्रीवास्तव "राही"
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मित्र मंडली - 24 

इस सप्ताह की पाँच महिला रचनाकार 


पम्मी सिंह जी मूलतः बिहार (पटना ) से हैं। अपने पिताजी के कार्यकाल में हुए तबादलों के कारण, विभिन्न शहरों में शिक्षा ग्रहण किया।  प्रारंभिक शिक्षा राँची एवं उच्च शिक्षा दिल्ली में हुई। इनकी एक पुस्तक काव्याकांक्षा प्रकाशित हो चुकी है। इनकी कविताओं में, विभिन्न शहरों में रहने वाले लोगों की संवेदनाओं, जज्बातों एवं भावनाओं को आप सहज ही  महसूस कर सकते हैं। 





मीना शर्मा जी उच्च विद्यालय में शिक्षिका है। मेरा मानना है कि कामकाजी महिलाओं का जीवन, गृहणी की जीवन से कठिन होती  है। ऐसे में कामकाजी महिलायें, समाज के प्रति ज्यादा संवेदनशील होती है, परन्तु उस संवेदना को साहित्य के रूप में लिख कर प्रकट करना एक जीवट का कार्य है। इन्होंने, अपना एक वर्ष ब्लॉग का पूरा किया है।  इनके जज्बें को मेरा सलाम है। 



**संघर्ष -यानि संग-हर्ष जियो **


सुख-दुख



आशा है कि मेरा प्रयास आपको अच्छा लगेगा । आपका सुझाव अपेक्षित है। लम्बी छुट्टी के कारण अगला अंक 10-07-2017  को प्रकाशित होगा। धन्यवाद ! अंत में ....

मेरी दो  पेशकश :-

फोटोग्राफी : पक्षी 16 (Photography : Bird 16)




महबूब - एक ग़ज़ल 

मित्र मंडली - 23

"कालनिर्माता"




ध्रुव सिंह जी 

कितनी आशाएं पाली थीं, बिके हुए अखबारों से 

एक एथलीट को कवि  होना आम नहीं है परन्तु ये इसके एक मिशाल हैं। समसामयिक घटनाओं से  कवि  ह्रदय  को चोट लगती  है तो एक कविता का जन्म होता है।  ऐसी ही एक हालात में आकर इस कविता का जन्म हुआ है।  ऐसी  भावनाओं के धनी  को साधुवाद है। 

 तितर बितर लम्हे ...



दिगम्बर नासवा जी

अपना देखना खुद को अपने ही जैसा दिखाई देता है

पेशे से रसायन विज्ञानं के प्रोफ़ेसर , परन्तु मानवीय संवेदानाओं को महसूस करने के लिए क्या किसी ख़ास पेशे की आवश्यकता है क्या ?  भौतिक रसायन से जटिल विषय जन-मानस की वेदना को समझना है और इस क्षेत्र में भी इनको महारथ हासिल है। अक्सर इनकी रचनाओं पर टिपण्णी देने में खुद को मैं असमर्थ समझता हूँ। परन्तु इनका प्यार है कि संक्षिप्त ही सही मेरी प्रत्येक रचनाओं पर टिपण्णी देकर सदैव मुझे लिखने  को प्रेरित करते रहते हैं। 


आशा है कि मेरा प्रयास आपको अच्छा लगेगा ।  आपका सुझाव अपेक्षित है। अगला अंक 19 -06-2017  को प्रकाशित होगा। धन्यवाद ! अंत में ....

मेरी दो  पेशकश :-

फोटोग्राफी : पक्षी 14 (Photography : Bird 14  ) 




फोटोग्राफी : पक्षी 15 (Photography : Bird 15  )

दुःख को भी जीवन जीने का अनिवार्य मानती सुन्दर ग़ज़ल। ज़िन्दगी में केवल खुशियाँ हो तो भी ज़िन्दगी जीने में मज़ा नहीं। दर्द में भी जीने का अपना ही मज़ा है।

 तानाशाह का काम किसी भी बहाने से चल सकता है

चोर चोर चिल्लाना शगुन होता है फुसफुसाना ठीक नहीं माना जाता है

फर्जी कामों का लेखा-जोखा पेश करती सुन्दर रचना। 

आशा है कि मेरा प्रयास आपको अच्छा लगेगा ।  आपका सुझाव अपेक्षित है। अगला अंक 12-06-2017  को प्रकाशित होगा। धन्यवाद ! अंत में ....

मेरी दो  पेशकश :-

फोटोग्राफी : पक्षी 12 (Photography : Bird 12 ) 



फोटोग्राफी : पक्षी 11 (Photography : Bird 13 )


मित्र मंडली - 21

अष्टावक्र गीता अद्वैत वेदान्त का ग्रन्थ है।राजा जनक एवं अष्टावक्र के संवाद को अष्टावक्र गीता कहते है। कैलाश जी सरल शब्दों में इस गीता को हिंदी में  और अर्थ  इंग्लिश में लिखा है। ज्ञान,मुक्ति एवं वैराग्य की कड़ी में यह पोस्ट योगी को समर्पित है। कैलाश जी को इस कार्य के लिए बधाई देता हूँ।  

 अफसाना शेख चिल्ली का

कोशिश करें लिखें भेड़िये अपने अपने अन्दर के थोड़े थोड़े लिखना आता है सब को सब आता है

कथनी एवं करनी के फर्क को सिद्दत से महसूस करने पर दर्द होता है।  खुद को नंगा, विरले ही कर पाते हैं। धीरे-धीरे भेड़िये  बनने  की प्रक्रिया में हम सभी हैं, जो दुःखद है । 

आशा है कि मेरा प्रयास आपको अच्छा लगेगा ।  आपका सुझाव अपेक्षित है। अगला अंक 05-06-2017  को प्रकाशित होगा। धन्यवाद ! अंत में ....

मेरी दो  पेशकश :-

खामोशियाँ 


फोटोग्राफी : पक्षी 11 (Photography : Bird 11 )



मित्र मंडली - 20

                                                                  
 

व्यस्त हूँ मैं !


                                                                  
 

"सैनिक---देश के"

सैनिकों की अंदुरुनी समस्या को उजागर कराती सुन्दर कविता। 


आशा है कि मेरा प्रयास आपको अच्छा लगेगा ।  आपका सुझाव अपेक्षित है। अगला अंक 29-05-2017  को प्रकाशित होगा। धन्यवाद ! अंत में ....

मेरी दो  पेशकश :-


हवेली - जालंधर (पार्ट- 1)


हवेली - जालंधर (पार्ट- 2 )



                          मित्र मंडली - 19 

मातृ-दिवस की रचनाएँ 

मैं हर गम से बेफिक्र रहता हूँ क्यूंकि माँ की ममता साथ होती है।

- राकेश कुमार श्रीवास्तव "राही"




दिगम्बर नस्वा जी की  


संघर्ष सपनों का ... या जिंदगी का 

बहुत सही कहा है कि ज़िन्दगी ख़त्म होती है , सपनों की खातिर लड़ने की चाह ख़त्म होने से ... परन्तु सपनों को पूरा करने के लिए दूसरों का नहीं वरन अपना लम्हा खर्च करना पड़ता है या यूँ कह लें अपने आराम के लम्हों में से कुछ लम्हें चुराकर सपने पूरे करने में खर्च करने पड़ते हैं। अपने ज़िन्दगी से सपनों के लिए संघर्ष सहर्ष करते रहें। 

आस हैं और भी.....राह हैं और भी....

कितना भी विषम परिस्थिति हो हिम्मत ना हारें, कोई-ना कोई  आस जरूर ही आस-पास होगी जिसकी मदद से हम इस विषम परिस्थिति से अवश्य निकल पाएंगे। 

मेहनत एवं परिश्रम से ही विपरीत परिस्थितियों में भी सफलता मिलती है। 

भावना विशेष रचना 




आशा है कि मेरा प्रयास आपको अच्छा लगेगा ।  आपका सुझाव अपेक्षित है। अगला अंक 22-05-2017  को प्रकाशित होगी। धन्यवाद ! अंत में ....

मेरी दो  पेशकश :-


फोटोग्राफी : पक्षी 9   (Photography : Bird 9   )


फोटोग्राफी : पक्षी 10  (Photography : Bird 10  )



मित्र मंडली - 18 

श्वेताक्षर





मजदूर सच में ... या मजदूर दिवस ...




दिगम्बर नस्वा


मज़दूर दिवस पर सबको लाल सलाम ! जिस वस्तु को खरीद कर हम इतराते है उस वस्तु की निर्माण प्रक्रिया से जुड़े मजदूरों को कभी हम धन्यवाद भी नहीं कह पाते हैं।  सृष्टिकर्ता ईश्वर के बाद अगर किसी को शुक्रिया अदा करना हो तो वह है मज़दूर वर्ग। मज़दूर का हम कभी भी वास्तविक मेहनताना अदा नहीं कर सकते। मज़दूरों के वास्तविक दर्द को उभारती सुन्दर कविता। 

"देख ! वे आ रहें हैं''



ध्रुव सिंह



सत्ता 


जनतंत्र को राजतंत्र समझने वालों के लिए, चेतावनी देती सुन्दर कविता। आमजन  के आक्रोशित मनोभाव को सुन्दर ढंग से व्यक्त करती एवं सत्ता आसीन को ललकारती कविता।

कायरता




गीता के सार को अपनी शैली में व्यक्त करती सुन्दर कविता। परिस्थितियों के अनुसार अपना व्यवहार करने की सलाह देती कविता 


आशा है कि मेरा प्रयास आपको अच्छा लगेगा ।  आपका सुझाव अपेक्षित है। अगला अंक 15-05-2017  को प्रकाशित होगी। धन्यवाद ! अंत में ....

मेरी दो  पेशकश :-


फोटोग्राफी : पक्षी 7  (Photography : Bird 7  )



फोटोग्राफी : पक्षी 8 (Photography : Bird 8 )

 मित्र मंडली - 17




मीना  शर्मा 

कविता - समय - समय की बात

दैनिक कार्यों में समय की पाबंदी तो अपेक्षित है परन्तु भावनात्मक अभिव्यक्ति के लिए इसकी आवश्यकता नहीं है यदि ऐसा हुआ तो मानव एवं रोबोट में कोई भी अंतर नहीं रह जाएगा। आधुनिक जीवन-शैली पर कटाक्ष करती सुन्दर कविता। 




दिगम्बर नस्वा 

कविता - जिंदगी किताब और आखरी पन्ना ...


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अमित अग्रवाल

कविता - लेस्बियन्स

रविंद्र सिंह यादव

कविता - दास्तां




आशा है कि मेरा प्रयास आपको अच्छा लगेगा ।  आपका सुझाव अपेक्षित है। अगला अंक 08-05-2017  को प्रकाशित होगी। धन्यवाद ! अंत में ....



मेरी दो  पेशकश :-


गज़ल - ख्वाहिश



फोटोग्राफी : पक्षी 6 (Photography : Bird 6 )



मित्र मंडली - 16 

1. कविता "धरती"




2. वसुन्धरा







4. ख़ामोशी ... एक एहसास




5. उम्मीद



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अमित आग जी की  Safarnaamaa... सफ़रनामा... पर प्रकाशित कविता "उम्मीद" आजकल के बुजुर्गों की आम समस्या पर आधारित है। ये समान्य घटना है कि बुजुर्गों के पेंशन-खाते का संचालन उनके बेटे के द्वारा होता है। वे मात्र जीवित रहने  का प्रमाण देने के लिए, साल में एक बार अपना हस्ताक्षर बेटे के कहने पर कर देते हैं और पुरे एक साल तक उनका डेबिट कार्ड उनके बेटे के कब्जे में रहता है। 

6. क्षणिकाएं

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7. चिकने घड़े चिकने घड़े की करतूत के ऊपर बैठ कर छिपाते हैं


सुशील कुमार जोशी जी की उलूक टाइम्स पर प्रकाशित रचना एक व्यंग बाण है। उलूक कितना भी ढोल पीट ले ,नहीं कान में जूं तक रेंगने वाले, नहीं सुनते है किसी की ये, तभी तो चिकने घड़े के प्रवृति को साकार करते है। एक तो गधे उस पर से चिकने घड़े वाले हों तो क्या कहने।   


आशा है कि मेरा प्रयास आपको अच्छा लगेगा ।  आपका सुझाव अपेक्षित है। अगला अंक 01-05-2017  को प्रकाशित होगी। धन्यवाद ! अंत में ....






  मित्र मंडली - 15  


नंगे होकर अपनी शर्म नीलाम न करो किसान भाइयो........आजकल के राजनीतिक पार्टियों की एक ही समस्या है, सत्ता-सुख कैसे मिले। इसके लिए लोक-लुभावन नारे एवं वादे के अलावा ये कुछ कर भी  नहीं सकते।  लोग भी मुफ्त का माल उड़ाने में ही खुश हैं। समस्या के मूल में क्या है ? ... ना जनता जानना चाहती है, ना सरकार। समस्याओं का विहंगम परिदृश्य हमलोगों के सम्मुख है : शिक्षा, स्वास्थ्य , आवास एवं रोजगार आमजन की  पहुँच से बाहर है। 






















आशा है कि मेरा प्रयास आपको अच्छा लगेगा ।  आपका सुझाव आपेक्षित है। अगला अंक              24-04-2017  को प्रकाशित होगी। धन्यवाद ! अंत में ....

मेरी दो  पेशकश :-









                          मित्र मंडली - 14 

                                   1.

मेरी फ़ोटो



चाहत उम्मीद की ...


दिगम्बर नस्वा जी की  स्वप्न मेरे ... पर प्रकाशित कविता 

उम्मीद के साथ जीने की सीख देती है। उम्मीद के दामन में ही छुपी है जीवन जीने का संदेश, संघर्ष के बीज भी इसी उम्मीद में है। अंत में आशावादी सन्देश देती इनकी कविता।

2.

**सुप्रभात**

पत्थर 


3.
"अंतिम गंतव्य,बाक़ी"

"बुलबुला"


4.
My photo

वक्त का मरहम


6.
मेरी फ़ोटो

खेल भावना से देख चोर सिपाही के खेल

सुशील कुमार जोशी की  उलूक टाइम्स पर प्रकाशित रचना 
मौका पर चौका लगाने वाले नेता एवं आम जन पर करारा व्यंग है। 

7.
Profile photo

ऐ हवा चल पहुँचा दे मेरी आवाज़ वहाँ

8.
My photo

सज़ा


9.
My photo

बड़े बेचैन हैं वे लोग , जो सब याद रखते हैं - सतीश सक्सेना

9.
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शुक्रिया प्रभु का.......


आशा है कि मेरा प्रयास आपको अच्छा लगेगा ।  आपका सुझाव आपेक्षित है। अगला अंक 17-04-2017  को प्रकाशित होगी। धन्यवाद ! अंत में ....

मेरी दो  पेशकश :-
11.





                                  मित्र मंडली - 13 



1. मेरी भावना


क.  माटी



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ख. अपनों का गाँव



3. ओ मेरे शिल्पकार !



4. कुछ मुसलमान भी , सीने से लगाने होंगे -सतीश सक्सेना




5. चल शुरू हो जा



6. १६० वर्ष पहले आज भड़की थी प्रथम भारतीय स्वतन्त्रता संग्राम की ज्वाला



आशा है कि मेरा प्रयास आपको अच्छा लगेगा ।  आपका सुझाव आपेक्षित है। अगला  अंक 10-04-2017  को प्रकाशित होगी। धन्यवाद ! अंत में ....


प्रस्तुत है मेरी दो लघु कथा एवं एक आलेख   :-

7. वाक्यांश – "इच्छा-मृत्यु"


http://rakeshkirachanay.blogspot.in/2017/03/blog-post_29.html


8. वाक्यांश – भूत


http://rakeshkirachanay.blogspot.in/2017/03/blog-post_31.htm



9. विश्व ऑटिज्म जागरूकता दिवस







                                  मित्र मंडली - 12

1. दोषी हो तुम !


दोषी हो तुम !





एक सलाम 'अमर शहीदों' के नाम






4. मैं मजदूर हूं





5. अष्टावक्र गीता - भाव पद्यानुवाद (चालीसवीं कड़ी)





6. न जाने कौन सी तकलीफ लेकर दौड़ता होगा -सतीश सक्सेना




7. बेशरम होता है इसीलिये बेशर्मी से कह भी रहा होता है



8. हम पानी का मोल क्यों नहीं समझ पा रहे हैं?





9. जब से मिले हो तुम




शिवम् मिश्रा जी ने अपने बुरा भला पर तीन पोस्ट प्रकाशित किया  है जो भारत के शहीदों एवं महान कलाकार को समर्पित है :-


10. "मास्टर दा" सूर्य सेन की १२३ वीं जयंती



11. उस्ताद बिस्मिल्ला ख़ाँ साहब की १०१ वीं जयंती

13. उषा मेहता जी की ९७ वीं जयंती

















आशा है कि मेरा प्रयास आपको अच्छा लगेगा ।  आपका सुझाव आपेक्षित है। अगला अंक 03-04-2017  को प्रकाशित होगी। धन्यवाद ! अंत में ....








                                  मित्र मंडली - 10
1. "बाज़ारू हूँ, कहके"

2.दुख दर्द दहन हो होली में



3.होली ठैरी होला ठैरा ठैरा तो ठैरा ठैरा ठैरा ठैरी छोड़ ठर्रा ठर्री क्यों कहना ठैरा

4. ढूंढा राक्षसी : होली कथा



5. आयी राम की अवध में होली



6. दो दिन की हमदर्दी में, जीवन किसका निभ पाया....


7. बुढ़ापा, मात्र एक दिमागी फितूर -सतीश सक्सेना



8. एक दिन




9. वो सुरमई शाम




10. एक अभियान नारी आधारित गालियों के विरुद्ध भी चले




11. मन में उमंग लिये




12. वाह रे होली के रंगों | Holi Shayari




13. सी आईपी चर्च और टोंग ऑन चर्च - कोलकाता 



14. बेटी




15. सुना है फिर से आ गयी है होली




आशा है कि मेरा प्रयास आपको अच्छा लगेगा ।  आपका सुझाव आपेक्षित है। अगला अंक 20-03-2017  को प्रकाशित होगी। धन्यवाद ! अंत में ....

मेरी दो रचनाएँ 


16. हुसैनीवाला बॉर्डर, फिरोज़पुर



17. पत्नी पुराण







                                  मित्र मंडली - 9 


1.  "11मार्च2017 को कई हो जाएंगे,सत्ता से 9 - 2 > 11 " पीताम्बर दत्त शर्मा (समीक्षक) मो.न.+ 9414657511




2. कोलकाता का एक छुपा स्थल → तेरेत्ति बाजार (About Tiretti Bazar, Kolkata by Kishan Bahety )





3.  "बेईमान - जुमले"!!!- पीताम्बर दत्त शर्मा (स्वतन्त्र टिप्पणीकार) मो.न.+9414657511





4.  कृष्ण ने ग्वालिन घेरी दगड़े में



5. बोलते ही उठ खड़े होते हैं मिलाने आवाज से आवाज गजब हैं बेतार के तार याद आते हैं बहुत ही सियार



6. बेटियाँ!!




7. अमर शहीद पंडित चन्द्र शेखर आज़ाद जी की ८६ वीं पुण्यतिथि




8. कैसी यह मनहूस डगर है



आशा है कि मेरा प्रयास आपको अच्छा लगेगा ।  आपका सुझाव आपेक्षित है। अगला अंक 13-03-2017  को प्रकाशित होगी। धन्यवाद ! अंत में ....

मेरी दो रचनाएँ 



9. रॉक गार्डन, चंडीगढ़ की सैर



http://rakeshkirachanay.blogspot.in/2017/03/blog-post



10. भारत – एक पर्यटक की नज़र में









                                  मित्र मंडली - 8 


1. हिमालय की गोद में बसे श्रीनगर, कश्मीर की सैर (Local Sight Seen to Srinagar, Kashmir...6)




2. वीर सावरकर जी की ५१ वीं पुण्यतिथि



3. आ अब लौट चलें!! :)




4. शिव-पार्वती बारात



5. 'अमर' अंकल पई की छटी बरसी पर उन्हें नमन




6. अष्टावक्र गीता - भाव पद्यानुवाद (उन्तालीसवीं कड़ी)




7. कलाबाजी कलाकारी लफ्फाजों की लफ्फाजी जय जय बेवकूफों की उछलकूद और मारामारी




आशा है कि मेरा प्रयास आपको अच्छा लगेगा ।  आपका सुझाव आपेक्षित है। अगला अंक 06-03-2017  को प्रकाशित होगी। धन्यवाद ! अंत में ....

मेरी एक कहानी - दो भागों में 



8. समरथ के नहीं दोष गोसाई - भाग -1




9. समरथ के नहीं दोष गोसाई - भाग -2



http://rakeshkirachanay.blogspot.in/2017/02/2.html



                                  मित्र मंडली - 7 



1. जलसेना विद्रोह (मुम्बई) - १८-२३ फ़रवरी सन् १९४६




2. दर्पण





3. "जब तक मैंने समझा,जीवन क्या है?जीवन बीत गया" !- पीताम्बर दत्त शर्मा (लेखक-समीक्षक)




4. मधुबाला की ८४ वीं जयंती





आशा है कि मेरा प्रयास आपको अच्छा लगेगा ।  आपका सुझाव आपेक्षित है। अगला अंक 27-02-2017  को प्रकाशित होगी। धन्यवाद ! अंत में ....

मेरी दो कविताएँ 


5. प्रेम-गीत



http://rakeshkirachanay.blogspot.in/2017/02/blog-post_14.html



6. कलम की आवाज़


http://rakeshkirachanay.blogspot.in/2017/02/blog-post_17.html


                                  मित्र मंडली - 6


1. "पहले आप - पहले आप "सुधरो ! - पीताम्बर दत्त शर्मा (स्वतन्त्र टिप्पणीकार)मो.न. 9414657511


"पहले आप - पहले आप "सुधरो ! - पीताम्बर दत्त शर्मा की पोस्ट विचारणीय है। जैसा की इन्होंने लिखा है कि सब कुछ संविधान के अनुसार हो रहा है तो ऐसे हालात में क्या किया जाए। भारत के सभी बुद्धिजीवी इस बात से आहत है कि भारत का संविधान कुछ कहता है और हमारी सरकारें और नेता लोग कुछ और कहते है।  मसलन जाति, लिंग, भाषा, धर्मऔर रंग के आधार पर भेद-भाव नहीं कर सकते परंतु वास्तविकता कुछ और है। मेरा तो मनना है की देश में पार्टी की ही प्रथा गलत है इससे परिवारवाद को बढ़ावा मिलता है या राजतंत्र की बू आती है। भारत को नेता नहीं अपितु समाजसेवक चाहिए जो हम किसी से भी उम्मीद नहीं कर सकते क्योंकि लाखों-करोड़ों खर्च कर कोई आपकी सेवा करने तो नहीं आयेगा। 



2. धीरे - धीरे ज़ख़्म सारे






3. भोपाल उत्सव मेले की रंगत में




4. योजनाओं का लाभ उठाया कैसे जाए ?इसपर भी जोर दो !- पीताम्बर दत्त शर्मा (लेखक-विश्लेषक) मो.न.- ९४१४६५७५११






5. मानवीय प्रतिरक्षा शक्ति : सतीश सक्सेना



6. हमे भी सोचना होगा, तुम्हें भी सोचना होगा ---------

राजेश जी की कविता "हमे भी सोचना होगा, तुम्हें भी सोचना होगा ---------" समाज को सन्देश देती कविता है कि अगर हमें शांति और सदभाव  के साथ जीना है तो आज के दौर में जीने के तरीके के बारे में सभी को चिंतन करने की आवश्यकता है। 




7. ग़ज़ल सम्राट स्व॰ जगजीत सिंह साहब की ७६ वीं जयंती






8. आदमी सोचते रहने से आदमी नहीं हुआ जाता है ‘उलूक’





9. हम ब्लॉक माइंड देसी लोग : सतीश सक्सेना





10. Ye kahaan se aa gayee bahar hai.


11. प्राण साहब की ९७ वीं जयंती




आशा है कि मेरा प्रयास आपको अच्छा लगेगा ।  आपका सुझाव आपेक्षित है। अगला अंक 20-02-2017  को प्रकाशित होगी। धन्यवाद ! अंत में ....




12. पुस्तक समीक्षा-1


                                  मित्र मंडली - 5 


1. वफ़ा





2. दो मिनट का मौन सायरन का तीस जनवरी के ग्यारह बजे





3. ओस





त्त्वपूर्ण हो जाती है। 








9. मां करती हूँ तुम्हें नमन !!







आशा है कि मेरा प्रयास आपको अच्छा लगेगा ।  आपका सुझाव आपेक्षित है। अगला अंक 13-02-2017  को प्रकाशित होगी। धन्यवाद ! अंत में ....

12. श्रम एवं परिश्रम


                                  मित्र मंडली - 4 








7. आर॰के॰ लक्ष्मण - द 'अनकॉमन' कॉमन मैन




8. बधाई है बधाई है बधाई है बधाई है




9. हे मां !! ये जीवन तुम पर अर्पण !!




10. दोपहर बनकर अक्सर न आया करो


रविन्द्र जी की जिन्दगी की धुप-छाँव से रु-ब-रु कराती सुंदर गज़ल, आप भी पढ़ कर लुफ़्त लें।



11. डा. होमी जहांगीर भाभा की ५१ वीं पुण्यतिथि



12. अष्टावक्र गीता - भाव पद्यानुवाद (अड़तीसवीं कड़ी)


13. नेताजी सुभाष चंद्र बोस (23  जनवरी  जन्मदिन  पर  स्मरण )

नेताजी सुभाष चंद्र बोस (23  जनवरी  जन्मदिन  पर  स्मरण ) रविन्द्र जी की  पोस्ट कविता रूप में नेता जी को श्रद्धांजलि है। मेरा भी नेता जी को शत-शत नमन।


14. "लूट-घूस की सत्ता तले स्कूली बच्चो की मौत" !! "क्यों नहीं रोते हम"??


"लूट-घूस की सत्ता तले स्कूली बच्चो की मौत" !! "क्यों नहीं रोते हम"??  पीताम्बर दत्त शर्मा जी की पोस्ट यह सोचने पर मजबूर करती है कि तंत्र आखिर किसके लिए है। क्या हम स्कूल के बच्चों के मौत पर सिर्फ मातम ही मनाते रहेंगे।





आशा है कि मेरा प्रयास आपको अच्छा लगेगा ।  आपका सुझाव आपेक्षित है। अगला अंक 06-02-2017  को प्रकाशित होगी। धन्यवाद ! अंत में ....


                                  मित्र मंडली - 3 




सही लिखा है उपासना जी कि मन को मनन करते जीवन तो व्यतीत हो जाता है और जीवन प्रभावित होती हैं कि किस तरह के मन को आपने चुना। हिंदी एवं पंजाबी में लिखी एक सुंदर रचना। 



2. 'द ग्रेटेस्ट' मुहम्मद अली की ७५ वीं जयंती





3. समूह



4. अमर शहीद ठाकुर रोशन सिंह जी की १२५ वीं जयंती




5. अस्पताल में एक रात


आशा है कि मेरा प्रयास आपको अच्छा लगेगा ।  आपका सुझाव आपेक्षित है। अगला अंक 30-01-2017  को प्रकाशित होगी। धन्यवाद ! अंत में ....

. फ़तेहपुर सीकरी एवं सिकंदरा की यात्रा-वृतांत



                                       मित्र मंडली - 2 

1. विश्व हिन्दी दिवस और शब्द क्रमंचय संचय प्रयोग सब करते हैं समझते एक दो हैं













2. जय जवान जय किसान का नारा कैसे लगायें ??????





3. महान क्रान्तिकारी सूर्य सेन "मास्टर दा" की ८३ वीं पुण्यतिथि









4. १०० वीं पोस्ट - स्वामी विवेकानन्द जी की १५४ वीं जयंती







5. ताजी खबर है देश के एन जी ओ ऑडिट नहीं करवाते हैं







6. राकेश शर्मा - भारत के प्रथम अंतरिक्ष यात्री









7. मकर-संक्रांति पर्व




8. पहलगाम से श्रीनगर, कश्मीर का यादगार सफर (Pahalgam to Srinagar - Kashmir..5)


9. ६९ वां भारतीय सेना दिवस









10. चित्रकार..!


11. करुणा



आशा है कि मेरा प्रयास आपको अच्छा लगेगा ।  आपका सुझाव आपेक्षित है। अगला अंक 23-01-2017  को प्रकाशित होगी। धन्यवाद !

                        मित्र मंडली - 1

1. नववर्ष में महक उठे......

कविता रावत जी की चार पंक्तियों की नववर्ष की शुभकामना भरी कविता है। कविता रावत जी को भी नववर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं। 



2. बहुत बहुत मुबारक हो !!! स्वास्थ्य दौलत प्रसिद्धि



4.  सुपरमून

5. कविता बकवास नहीं होती है बकवास को किसलिये कविता कहलवाना चाहता है

6. "वोटरों को चुनाव हेतु -विकल्प-ही नहीं देते राजनितिक दल"क्यों ? - पीताम्बर दत्त शर्मा (स्वतन्त्र-टिप्पणीकार) मो.न. + 9414657511

7. नायब सूबेदार बाना सिंह की ६८ वीं वर्षगांठ



8.  'इंक़लाब ज़िन्दाबाद' का नारा देने वाले क्रांतिकारी शायर - मौलाना हसरत मोहानी

9. शुरु हो गया मौसम होने का भ्रम अन्धों के हाथों और बटेरों के फंसने की आदत को लेकर

सुशील कुमार जोशी की उलूक टाइम्स की पोस्ट "शुरु हो गया मौसम होने का भ्रम अन्धों के हाथों और बटेरों के फंसने की आदत को लेकर" आजकल के चुनावी प्रक्रिया पर तीखा व्यंग है। हमेशा से इस चुनाव के माध्यम से किसी अयोग्य व्यक्ति को महत्वपूर्ण वस्तु या पद प्राप्त होता  है ।इस पोस्ट का आप भी आनन्द लें। 



मैंने इस सप्ताह दो रचनाएँ पोस्ट किया है -


1. नववर्ष 



2. बादल का टुकड़ा 



आशा है कि मेरा प्रयास आपको अच्छा लगे।  आपका सुझाव आपेक्षित है। अगला अंक 16-01-2017 को प्रकाशित होगी। धन्यवाद !


                           मित्र मंडली

मित्रों, 
आप सभी को नववर्ष की हार्दिक शुभकामानाएं। इस वर्ष से मैं एक हिंदी पोस्ट की श्रृंखला शुरू करने जा रहा हूँ जिसका शीर्षक है "मित्र मंडली" । 

इस पोस्ट में मेरे ब्लॉग के फॉलोवर/अनुसरणकर्ता के हिंदी पोस्ट के लिंक के साथ उस पोस्ट के प्रति मेरी भावाभिव्यक्ति सलंग्न रहेगी। पोस्ट का चयन साप्ताहिक आधार पर होगा। प्रथम प्रकाशन दिनांक 09 जनवरी 2016 को होगा।  इसमें  दिनांक 01.01.2016 से 08.01.2016 के हिंदी पोस्ट का संकलन होगा ।

इसका उद्देश्य मेरे मित्रों की रचना को ज्यादा से ज्यादा पाठकों  तक पहुँचाना है। 

आप सभी पाठकगण से निवेदन है कि दिए गए लिंक के पोस्ट को पढ़ कर टिपण्णी के माध्यम से अपने विचार जरूर लिखें। यकीं करें ! आपके द्वारा दिया गया विचार लेखकों के लिए अनमोल होगा।  

प्रार्थी 

राकेश कुमार श्रीवास्तव "राही"

  

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